Love Poems

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प्रेम का विशाल आयाम  ।

प्रेम ना केवल  – कहने में है, ना सुनने में ,  प्रेम ना केवल आलिंगन में है,ना शब्दों के माया जाल में,  प्रेम ना केवल सपनों के संसार में है, ना समाजिक मान्यताओं रीतियों में ,  प्रेम ना तो जन्म-मृत्यु तक सीमित है ।   प्रेम तो  तन  और मन से परे आत्मा में है …

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तेरी खुशबू..!

तेरी खुशबू से महकता है मेरा मन, तेरी हँसी से खिल जाये ये बदन। तेरी ज़ुल्फों में है एक लहर, जो डुबा दे मुझे हर पहर , तेरी बातों को मैं सुनता रहूँ, तेरी आँखो में खोया रहूँ । तुझपे मैं इतना एतबार करुँ, के तेरे सिवा ना किसी से प्यार करुँ । जब तू …

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कुछ लम्हें…!

उन चन्द लम्हों में, तम्हें अपना सा बनालिया मैंने, खोया था जो मेरे जिगर का टुकड़ा, उसको फिर से पा लिया मैंने। लम्हें कुछ ही थे, मुलाकाते भी छोटी  सी थी, पर हर लम्हें को प्यार के, अनगिनत एहसासों से भर दिया मैंने। तुमहारी मेरी बातें भी हल्की सी थी, फिर भी अपनी नज़र मिला …

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