Month: January 2021

mystery of human

आत्मबोध

आदमी ही सुख है … आदमी ही दुख है l आदमी ही दोस्त है… आदमी ही दुश्मन है ll आदमी ही है पतन की गहराइयों में l आदमी ही है अमरत्व की ऊंचाइयों में ll हवस भी है आदमी और वासना भी है आदमी l अशांति भी है आदमी और क्लेश भी है आदमी ll …

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Manthan

मंथन

संभवतः ‘ मन का मनन’ इस प्रकृति में अन्य जीवों से मनुष्य को अलग करता है l मन के मनन से ही भाषा का प्रादुर्भाव है और भाषा मानवता की जरूरत है l मन से ही आनंद, पीड़ा ,भय , कुंठा ,क्रोध ,आशा, निराशा, प्रेम, दया, मोह आदि अनुभूतियों का ज्ञान होता है l इन …

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