उम्मीद..

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कुछ भी हो हालात ,उम्मीद जिन्दा रखनी है
अपने दूर हो, या पास उम्मीद जिन्दा रखनी है|
 
दर्द ए.गम कितना सताए ,जिन्दगी बोझिल नजर आए
फिर भी न हो के उदास उम्मीद जिन्दा रखनी है|
 
खुद को जो पाओ , मुसीबतों की खाई मे न दिखे कोई बरकत,
जो बरसों की कमाई मे देखकर बच्चो की मुसकान,
उम्मीद जिन्दा रखनी है|
 
कोई भी न तूने , जो किया था कसूर
जख्म फिर भी तेरे,  बन गए हो नासूर
खुद ही प्यार से सहला , उम्मीद जिन्दा रखनी है|
 
रहता बदलता ये वख्त सदा तेरे लिए भी बदलेगा
सकून खुशियां इक दिन तेरी  झोली में ये भर देगा
रहे झोली तब तक सलामत, उम्मीद जिन्दा रखनी है|

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